कुत्तों का विश्राम और उनका व्यवहार
कुत्ते, जिन्हें मनुष्य का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है, अपने विश्राम के समय में एक विशेष प्रकार के व्यवहार का प्रदर्शन करते हैं। एक ऐसा दृश्य जिसमें एक प्यारा कुत्ता, धूप में लेटा हुआ है, हमें उसकी सहजता और संतोष का एहसास कराता है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि कुत्ते केवल आराम नहीं कर रहे हैं; वे अपने पर्यावरण के प्रति गहन संवेदनशीलता भी प्रदर्शित कर रहे हैं।
कुत्ते की प्रकृति सुरक्षा की भावना से जुड़ी होती है। अपने कंबल पर लेटे इस कुत्ते की आंखों में आराम और आत्मविश्वास की झलक दिखाई देती है। शारीरिक रूप से, इस स्थिति से लंबी मांसपेशियों को आराम मिलता है, और इससे ऊर्जा इकट्ठा करने में मदद मिलती है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि जब कुत्ते सोते हैं, तब उनके शरीर में गहरी नींद के दौरान महत्वपूर्ण हार्मोन रिलीज होते हैं, जो उन्हें मानसिक रूप से पुनर्स्थापित करने में मदद करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कुत्ते रात में करीब 12 से 14 घंटे की नींद लेते हैं, हालांकि दिन में आराम करने का समय भी उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। कुत्ते लौटकर अपने आरामदायक स्थान पर आना पसंद करते हैं, क्योंकि यह उन्हें सुरक्षित महसूस कराता है। डॉग ब्रीडिंग के अध्ययन से यह भी संकेत मिलता है कि कुछ नस्लें सामान्यत: अधिक सक्रिय और энергावान होती हैं, जबकि दूसरी नस्लें अधिक आरामदायक प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर होती हैं।
इस प्यारे कुत्ते को देखते हुए, यह कहना गलत नहीं होगा कि जीवन में धीरे-धीरे आराम करना और संतोष प्राप्त करना एक कला है। कोविड-19 महामारी के समय में, कई मनुष्यों ने यह समझा है कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए आराम और संतुलन कितना महत्वपूर्ण है। इसलिए, जब आप अपने कुत्ते को आराम करते हुए देखते हैं, तो आपको इस बात का एहसास होना चाहिए कि उनकी यह सरलता हमें भी सिखा सकती है कि जीवन में थोड़ी ठहराव और आत्मीयता के लिए समय निकालना कितना जरूरी है। मानव जीवन में तनाव का स्तर लगभग 77% बढ़ गया है, जिससे हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि आराम और खुशी भी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।