बच्चों का पहले वर्ष में विकास एक अद्भुत प्रक्रिया है, जो कई तरीकों से हमारी समझ को जन्म देती है। जब एक नवजात शिशु अपनी माँ के कंधे पर आराम से सोता है, तो यह केवल शारीरिक निकटता नहीं है; यह एक गहन जैविक संबंध का हिस्सा है। यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि एक
शिशुओं की त्वचा में संपर्क और गर्मी की पहचान करने की अद्भुत क्षमता होती है। उनका मस्तिष्क अनुभवों के माध्यम से तेजी से विकसित होता है। शोध दर्शाते हैं कि जब शिशु अपने अभिभावक द्वारा पकड़े जाते हैं, तो उनके शरीर में ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन का स्राव होता है, जो न केवल उन्हें आराम देता है, बल्कि तनाव को भी कम करता है। यह प्रक्रिया हृदय गति को स्थिर रखने में मदद करती है, जो विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इस उम्र में शिशुओं की संज्ञानात्मक क्षमता भी तेजी से विकसित होती है। वे अपने आस-पास के चेहरे और ध्वनियों को पहचानते हैं, और ताजगी से भरी उनकी आंखों में एक अनोखा उत्साह होता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि शिशुओं की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं उनके कार्यात्मक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संक्षेप में, शिशुओं का जीवन हमें यह सिखाता है कि सामाजिक और भावनात्मक संपर्क जटिल जैविक प्रक्रियाओं को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। शोध से पता चलता है कि एक शिशु का जैविक विकास उनके पहले वर्ष में 80% तक हो जाता है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रारंभिक संपर्क केवल भौतिक नहीं, बल्कि उतना ही मानसिक और भावनात्मक भी होता है। यही कारण है कि यह समय परिवारों के लिए अनमोल है।