जितनी अधिक मछलियाँ बगुला पकड़ता है, उतनी ही अधिक इसकी चिड़िया में एक गहन मनोवैज्ञानिक पहलू छिपा होता है। बगुला अपनी लंबी चोंच का उपयोग करके पानी में झांकता है, उसकी आँखें लहरों में हर हलचल को भांपती हैं। यह दृश्य मस्तिष्क के गहन समीकरण को दर्शाता है: एक साधारण शिकार करने वाला अपने प्राकृतिक वातावरण में अपनी धारणा, गति और प्रतिक्रिया की गति को मिलाता है।
विज्ञानी इसे...