किसी आलीशान सोफे पर बैठा हुआ एक व्यक्ति अपने लैपटॉप के स्क्रीन पर ध्यान से नजर गड़ाए हुए है, जबकि उसके पास एक प्यारा सा कुत्ता बगल में बैठा है। यह दृश्य हमें उस जटिलता की याद दिलाता है जो मानव और पशु दोनों की सामाजिकता में छिपी है। इस समय, जबकि व्यक्ति नई
  पशु सहयोग और संवाद हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। अध्ययन इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जब हम अपने पालतू जानवरों के साथ समय बिताते हैं, तो हमारे शरीर में ऑक्सीटॉसिन का स्तर बढ़ता है, जिससे तनाव का स्तर कम होता है और खुशी का अनुभव होता है। यह प्राकृतिक बंधन हमें न केवल भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है, बल्कि मानसिक विकास के लिए भी आवश्यक है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब लोग डिजिटल दुनिया...
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