भालू की जिज्ञासा: एक अद्भुत जीवविज्ञान पर नज़र
भालू, जिनकी आकृति और चाल में एक प्रकार की मौजीपन छिपी होती है, हालांकि ये साक्षात् कला के जैविक रूप हैं। जब भालू अपने चारों पैरों पर खड़ा होता है, तो उसकी आंखों में एक गहरी जिज्ञासा और निरीक्षण का भाव होता है। पानी के समीप बैठकर, यह प्राणी अपने वातावरण का अवलोकन करता है, मानो वह इस जगत की अनसुलझी पहेलियों को सुलझाने की कोशिश कर रहा हो।
भालू एक सामाजिक प्राणी है, जो अपने अस्तित्व...