जब हम प्रकृति की गोद में रहते हैं, तो उसमें छिपी अनगिनत कहानियाँ हमारे चारों ओर चलती रहती हैं। एक छोटा सा दृश्य, जहां एक लोमड़ी निर्भीक होकर पास आती है, इस संबंध का रुख बदल देता है। उसकी आँखों में एक जिज्ञासा है जो हमें मानवता और जानवरों के बीच की वही अदृश्य रेखा याद दिलाती है।
लोमड़ियाँ, जिनकी चालाकी और अनोखी अनुकूलन क्षमताओं के लिए उन्हें जाना जाता है, वास्तव में अपने अस्तित्व...