बच्चों की जिज्ञासा और उनके विकास में खेल का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। जब एक छोटा बच्चा लकड़ी के ढ़ेर के पास जाता है, तो यह केवल एक शौकिया गतिविधि नहीं होती, बल्कि यह उसके संज्ञानात्मक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है। बच्चे अपनी दुनिया का अन्वेषण कर
  लकड़ी की छोटी-छोटी टहनियों और गट्ठरों के बीच में हाथ डालते हुए, बच्चा न केवल अपने हाथों की मोटर स्किल्स विकसित करता है, बल्कि वह वस्तुओं के बीच का अंतर भी समझने की कोशिश करता है। क्या यह लकड़ी ठोस है या नाजुक? क्या इसका रंग भिन्न है? ये छोटे-छोटे प्रश्न बच्चे के मस्तिष्क में अनगिनत विचारों और उत्सुकताओं को जन्म देते हैं। यह प्रक्रिया न केवल संज्ञानात्मक पहलुओं को प्रोत्साहित करती है,...
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