शोध दर्शाते हैं कि बचपन में, बच्चे की आंखों में दुनिया को समझने की एक खास दृष्टि होती है। वे मीलों तक फैले हुए पेड़ों और मिट्टी की खुशबू को आत्मसात करते हैं। यह संभ्रमित सोचें कि किस प्रकार प्राकृतिक दुनिया की विविधता उनके मस्तिष्क के विकास में सहायक होती है। दरअसल, नैतिकता, संवेदनशीलता और सामाजिक व्यवहार का विकास अक्सर बचपन के ऐसे अनुभवों से जुड़ा होता है। वे जितना अनुभव लेते हैं, उतना...