दृश्य में दिखाया गया शिशु अपने छोटे से हरे खिलौने को पकड़े हुए है, जो न केवल उसके विकास और मनोदशा का अनूठा प्रतीक है, बल्कि यह हमें जैविक व्यवहार की गहराइयों में जाने का भी आमंत्रण देता है। शिशु अपने चारों ओर की दुनिया को समझने के लिए विभिन्न तरीकों का प्र
  शिशुओं के लिए खिलौने द्वितीयक माता-पिता की तरह होते हैं, जो उन्हें न केवल सुरक्षा का अहसास कराते हैं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक विकास में भी मदद करते हैं। जब शिशु अपने खिलौनों को लेकर खेलते हैं, तो वे न केवल अपने अंतर्ज्ञान को विकसित करते हैं, बल्कि समस्याओं के समाधान की कला भी सीखते हैं। उदाहरण के लिए, एक खिलौने को अपनी बाहों में पकड़कर उसे देखना या उसके साथ बातचीत करना, शिशु को यह...
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