जब बकरों के नन्हे बच्चे अपनी माताओं के साथ घास पर लेटे होते हैं, तो यह दृश्य न केवल मनमोहक है, बल्कि उनकी सामाजिक प्रकृति का भी परिचायक है। बकरों का जन्म प्राकृतिक परिदृश्य में एक अनोखी घटना है, जहाँ वे अपनी ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा आराम करने में लगाते हैं। ये छोटे, मृदुल और आत्मीय बकरे अक्सर एक जगह बैठकर आपस में खेलते और कभी-कभी एक-दूसरे के साथ हल्की धूप का आनंद लेते हैं।
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