बच्चों का जैविक व्यवहार: आशा की झलक
जब एक छोटे बच्चे को द्वार के पास खड़ा देखा जाता है, तो उनकी जिज्ञासा और समझने की कोशिशें मानव विकास का अद्भुत उदाहरण होते हैं। यह नन्हा शिशु, जो साफ तौर पर अपने चारों ओर के रंगों और आकृतियों के प्रति संवेदनशील है, एक गहरी वैज्ञानिक सच्चाई को उजागर करता है: बच्चे अपने वातावरण को समझने की अद्वितीय क्षमता रखते हैं।
पांच से छह साल की उम्र में, बच्चों का मस्तिष्क तीव्रता से...
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