संवेदनाएँ और रंगों का कोलाज: बच्चों के खेल का मनोविज्ञान
  एक छोटे बच्चे के हाथों में, रंग-बिरंगी वस्तुएँ एक अनोखी यात्रा का हिस्सा बनती हैं। वह चिड़िया जैसी चतुरता से छोटी-छोटी आकृतियों को पकड़ता है, उनका आकार और रंग उसके मन में जिज्ञासा का एक समुद्र लाता है। यह खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों के विकास का अद्भुत साधन है।    जब बच्चे वस्तुओं को छूते हैं, तो यह सिर्फ अंतर्ज्ञान का खेल नहीं होता। यह उनके मस्तिष्क में जटिल...
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