बर्फीले पहाड़ों की छवि न केवल दृष्टि को मंत्रमुग्ध करती है, बल्कि जैविक व्यवहार के अनछुए पहलुओं की खोज का एक ज्वलंत उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। यह परिदृश्य जीवन की अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है, जो कि कठोर ग्लेशियर की परिस्थितियों में भी जीवों को फलने-फूलने
  सालों-दिनों की सफेद स्थिरता ने बर्फ का यह विशाल क्षेत्र, मनुष्यों और जानवरों के लिए एक चुनौती बनाते हुए एक अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र को जन्म दिया है। इसमें जीवों ने अपनी आदतें और व्यवहार विकसित किए हैं जो उन्हें इस ठंडे वातावरण में जीवित रहने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, पेंगुइन जैसे पक्षी सामूहिकता में रहकर हीट को बनाए रखते हैं, जबकि सैलमंडर और अन्य सरीसृप अपनी त्वचा की सेब से नमी...
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