इसके पीछे का वैज्ञानिक तथ्य यह है कि जब बच्चे अपने माता-पिता के साथ संपर्क में होते हैं, तो उनके दिमाग में नस्लीय विकास तेजी से होता है। यह संपर्क न केवल उन्हें भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस कराता है, बल्कि उनके सामाजिक कौशल और संज्ञानात्मक विकास में भी सहायक होता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बच्चे विभिन्न अनुभवों के माध्यम से सीखते हैं और अपने आसपास के लोगों से जुड़ते हैं। ...