रुचिकर शांति: एक स्वप्निल पल
जब हम सुबह के पहले प्रकाश को देखते हैं, तब हमारा मन अक्सर एक साधारण लेकिन गहरे अनुभव की ओर खींचा जाता है। बिस्तर पर बिखरे हुए कंबल और उठी हुई चाय की महक, यह सबको एक अद्भुत शांति में भिगो देता है। यह केवल एक कप चाय का आनंद नहीं है, बल्कि जीवन की कई पेचीदगियों पर विचार करने का समय भी है।
कभी आपने सोचा है कि सुबह के समय का यह शांत क्षण हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर कितनी गहरी छाप छोड़ता...