समानता और स्नेह का अनोखा जश्न
जब दो लोग एक साथ एक चादर में लिपटे होते हैं, तो यह दृश्य केवल गर्मी और सुरक्षा का एहसास नहीं कराता, बल्कि जैविक व्यवहार के गहरे पहलुओं की ओर इशारा करता है। इस सहज लगाव के पीछे एक वैज्ञानिक सच है: मानव प्रकृति में सामाजिकता की आवश्यकता निहित है। जब मनुष्यों का एक समूह एकत्र होता है, तो एक अणु, ऑक्सीटोसिन, जिसे "प्रेम हार्मोन" भी कहा जाता है, का उत्सर्जन होता है। यह न केवल रिश्तों को मजबूत...