शोध बताते हैं कि बच्चे इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से अपने पर्यावरण का निरीक्षण करते हैं। यह दौड़ना और खेलना न केवल उनके शारीरिक विकास में योगदान देता है, बल्कि यह उनके संज्ञानात्मक विकास का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब बच्चे बाहर खेलते हैं, तो वे विभिन्न सतहों, रंगों और ध्वनियों के प्रति संवेदनशील होते हैं, जो उनके मस्तिष्क के विकास में सहायक होते हैं।
विशेषज्ञों का...