सुबह की धुंध में खड़ा एक कुत्ता, जो घास के ढेर पर ऊँचा दिखाई देता है, हमें कई जैविक व्यवहारों की कहानी सुनाता है। यह दृश्य केवल उसकी ऊँचाई या शक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह कुत्तों के सामूहिक व्यवहार और उनके प्राकृतिक प्रवृत्तियों का भी परिचायक है। जहां एक ओर यह चौराहे का राजा लग रहा है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी पैदाइश से ही मानवता का साथी बनकर रहा है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, यह स्थिति...