कलात्मकता और बायोलॉजी का संबंध गहरा है, जहां एक ओर कला मानव व्यवहार का एक अनूठा आयाम प्रस्तुत करती है, वहीं दूसरी ओर इसे समझने के लिए हमें जैविक व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इस चित्र में एक वृद्ध व्यक्ति को सूक्ष्मता से चित्रित करते हुए देख सकते है
  पेंटिंग की प्रक्रिया में ध्यान केंद्रित करना, सतत अभ्यास और अनुभव की आवश्यकता होती है, जो मानव मस्तिष्क की प्लास्टिसिटी को दर्शाता है। शोध बताते हैं कि एक साधारण कलात्मक गतिविधि भी मस्तिष्क की विभिन्न क्षेत्रों को सक्रिय करती है, जो समग्र मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। वृद्ध व्यक्ति की इस कला में, स्पष्टता, सटीकता और धैर्य का सम्मिलन हमें यह याद दिलाता है कि सोचने और कार्य करने की...
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