शहरी जीवन: एक सामाजिक जीव के रूप में हमारी प्रवृत्तियाँ
जब हम एक व्यस्त शहर की सड़कों पर चलते हैं, तो हमारे चारों ओर लोगों का विशाल समुद्र अचानक से जीवित हो उठता है। इस दृश्य में, न केवल मानव जीवन की हलचल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार छोटे-छोटे सामाजिक व्यवहार हमारे दैनिक जीवन को निर्धारित करते हैं। मनोवैज्ञानिक रूप से, भीड़ में चलना हमें समाज के हिस्से के रूप में महसूस कराता है। यह एक सामाजिक प्राणी की प्रवृत्ति का परिणाम है, जहां...
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