मंदिरों में प्राचीन मूर्तियों का संबंध केवल धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि जीवों के व्यवहार पर भी एक दिलचस्प दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इस तस्वीर में, काले पत्थर की बनी एक शेर जैसी आकृति आस-पास की लाल पूजा की धागों से सजाई गई है। यह एक ऐसी सांस्कृतिक परंपरा
  इस तरह की मूर्तियों की रचना में न केवल कला का प्रदर्शन होता है, बल्कि यह उस समाज के जीववैज्ञानिक व्यवहार को दर्शाता है जहां वे उत्पन्न हुए। प्रारंभिक मानव समूहों ने शक्तिशाली जानवरों जैसे शेर या बाघ को पूजा का केंद्र बनाया, शायद इसलिए कि इन जीवों की शक्ति और साहस ने मानव विकास पर एक गहरा प्रभाव डाला। इन मूर्तियों के पीछे का तर्क यही है कि जब हम एक जीव को आदर्श बनाते हैं, तब हम उस विशेष...
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