धरोहर और धूप
प्राचीन संस्कृतियों में विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों के धुएं का उपयोग किया जाता रहा है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान या रिवाज़ नहीं है, बल्कि यह एक गहरे जैविक व्यवहार की निशानी है। जब लोग अपने व्यक्तिगत या सामूहिक स्थानों को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं, तो वे न केवल वातावरण को संतुलित करते हैं, बल्कि अपने मस्तिष्क की एक खास अवस्था में भी जाते हैं। यह प्रक्रिया हमें याद दिलाती है कि मानव...
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