नागिन नृत्य की धुन पर चलने वाले नर्तक, जिनके चेहरे पर रंगीन मुखौटे और चमकीले वस्त्र हैं, पारंपरिक सांस्कृतिक प्रवृत्तियों की जीवंतता को दर्शाते हैं। ये प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं हैं; ये जीवों की सामूहिक गतिविधियों का एक जीवंत उदाहरण हैं, जहाँ सामंजस्य और
  नागिन के नृत्य के दौरान, नर्तक उत्तम समन्वय और गति का प्रदर्शन करते हैं, जो न केवल उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है बल्कि समग्र समूह की कार्यप्रणाली का भी संज्ञान कराता है। जब एक व्यक्ति नृत्य करता है, तो अन्य उसकी गतिविधियों के साथ तालमेल बनाते हैं। इससे यह साबित होता है कि मनुष्य के सहयोगात्मक व्यवहार में सांस्कृतिक तत्व का गहरा प्रभाव होता है। इससे मनोवैज्ञानिक अध्ययन में यह साबित...
0 Reacties 0 aandelen 76 Views