श्रम की व्याख्या: जीवन का एक अनोखा अनुभव
  किसी भी समाज की धुरी उसके श्रमिक होते हैं, जो दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि व्यवस्था क्रम में बनी रहे। तस्वीर में, दो श्रमिक अपने काम की बारीकियों के बीच में खड़े हैं, उनकी उपस्थिति हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि श्रम केवल शारीरिक श्रम नहीं, बल्कि सामाजिक संबंधों और जीवन के अनुभवों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वे हलकी-फुलकी बातों में व्यस्त हैं, जो काम के बोझ को थोड़ी देर के लिए कम करती...
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