शहरों की तेज़ी से बदलती धड़कनें और मेट्रो की पूंछ जैसी लाइनों में खड़े लोग, मानव व्यवहार के विविध पहलुओं को उजागर करते हैं। मेट्रो के प्लेटफॉर्म पर, हम न केवल सफ़र की प्रतीक्षा करते हैं, बल्कि एक दूसरे से भी संवाद करते हैं। इस क्षण में, शारीरिक दूरी और मास्क उपस्थिति मानव जैविक व्यवहार में वर्चस्व के नए संकेत देते हैं। यह नज़ारा हमें याद दिलाता है कि कैसे सामाजिक और जैविक कारक एक-दूसरे...