जब हम एक छोटे बच्चे की मासूमियत पर नज़र डालते हैं, तो हम सहजता से उनकी जिज्ञासा और जीवन के प्रति उत्साह को महसूस कर सकते हैं। वे नए अनुभवों की खोज में लगे होते हैं, जैसे कि खिलौनों के आकार और रंग, या हवा में उड़ते टॉमी या चिड़ियों की आवाज़ें। इस रुझान को समझना सरल नहीं है, लेकिन मनोवैज्ञानिक व्यवहारज्ञ इसे "आवश्यकता का विकास" कहते हैं। बचपन में, विशेषकर एक से तीन साल के बीच, बच्चे अपनी...