शिशु के नितंबों से निकलती हर हलचल, एक छोटे से तंत्रिका के नेटवर्क का कार्य है जो विकासशील मस्तिष्क के साथ तादामेल बनाता है। शिशु स्वाभाविक रूप से अपने पैरों को हिलाते हैं, यह न केवल उनके लिए मनोरंजन है, बल्कि यह मांसपेशियों की ताकत को भी विकसित करता है। वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को "मोटर विकास" कहते हैं, जिसमें शिशु की मांसपेशियां, नींद से जागृत होकर, नई गति विकसित करने का प्रयास करती हैं।...